जनता तो पूछेगी, भगवत कौशिक।चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने पुलिस प्रशासन में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल करते हुए प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। वीरवार देर रात जारी आदेशों के अनुसार, राज्य सरकार ने 24 IPS (भारतीय पुलिस सेवा) और 5 HPS (हरियाणा पुलिस सेवा) अधिकारियों का तुरंत प्रभाव से तबादला कर दिया है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) सुधीर राजपाल द्वारा जारी इन आदेशों में नूंह, रोहतक, हिसार, पलवल और फतेहाबाद जैसे महत्वपूर्ण जिलों के पुलिस कप्तानों को बदला गया है।
नूंह और रोहतक में नए चेहरों की एंट्री
लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला नाम राजेश कुमार (IPS 2014) का है, जिन्हें नूंह के SP पद से हटाकर अब SP/SCB तैनात किया गया है। उनकी जगह डॉ. अर्पित जैन को नूंह की कमान सौंपी गई है। वहीं, गौरव राजपुरोहित अब रोहतक के नए SP होंगे, जबकि सुरिंदर भोरिया को पंचकूला मुख्यालय में SP/L&O की जिम्मेदारी दी गई है।
इन बड़े अफसरों की बदली गई जिम्मेदारी (प्रमुख नाम):
| अधिकारी का नाम | वर्तमान पोस्टिंग | नई तैनाती |
|---|---|---|
| डॉ. अर्पित जैन (IPS) | DCP Hqrs, गुरुग्राम | SP, नूंह |
| शशांक कुमार सावन (IPS) | SP, हिसार | AIG Admin, PHQ |
| नितीश अग्रवाल (IPS) | ADC to Governor | SP, पलवल |
| वरुण सिंगला (IPS) | SP, पलवल | SP, Security CID |
| सिद्धांत जैन (IPS) | SP, फतेहाबाद | SP, हिसार |
| नितिका खट्टर (IPS) | SP, डबवाली | SP, फतेहाबाद |
| जसलीन कौर (IPS) | DCP, झज्जर | SP, डबवाली |
| मेधा भूषण (IPS) | SP, SV & ACB | DCP, सोनीपत |
एंटी करप्शन ब्यूरो और गुरुग्राम-फरीदाबाद में भी बदलाव
सरकार ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को मजबूत करने के लिए मकसूद अहमद, अर्श वर्मा और पूजा वशिष्ठ जैसे तेजतर्रार अधिकारियों को SP/SV & ACB के पद पर तैनात किया है। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे हाई-प्रोफाइल शहरों में भी DCP लेवल पर भारी बदलाव किए गए हैं। राजेश कुमार मोहन को फरीदाबाद का नया DCP क्राइम बनाया गया है।
5 HPS अफसरों का भी हुआ तबादला
IPS अधिकारियों के साथ-साथ सरकार ने 5 सीनियर HPS अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी दी है। इसमें ममता खराश को ACB में भेजा गया है, जबकि सिद्धार्थ ढांडा को SP टेलीकॉम, पंचकूला नियुक्त किया गया है।
विशेष नोट: गृह विभाग के आदेशानुसार, सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपना नया कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि कानून व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने के लिए सरकार ने यह “सर्जिकल स्ट्राइक” की है।
