“सड़क सबकी, तो बोझ सिर्फ आम आदमी पर क्यों? टोल मुक्त गलियारों और विशेषाधिकारों के बीच फंसा लोकतंत्र”

डिजिटल इंडिया में टोल की सुस्त नीति : 72,000 करोड़ रुपए का राजस्व, फिर भी पारदर्शी व्यवस्था का अभाव” जनता तो पूछेगी,भगवत कौशिक। चंडीगढ़ : देश के बुनियादी ढांचे के…

error: Content is protected !!