JPH NEWS HARYANA, भगवत कौशिक।
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। तेल कंपनियों द्वारा जारी नए रेट के अनुसार पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में लगभग ₹3 प्रति लीटर तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इस फैसले के बाद आम आदमी से लेकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर तक हर कोई प्रभावित दिखाई दे रहा है।
राजधानी New Delhi में पेट्रोल की कीमत करीब ₹97.77 प्रति लीटर और डीजल ₹90.67 प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं कई महानगरों में भी कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है।
जनता पर क्या होगा असर?
ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ेगा
सब्जियों और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं
टैक्सी, बस और माल ढुलाई महंगी हो सकती है
मध्यम वर्ग और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ेगा
क्या सरकार तुरंत कम कर सकती है दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार केंद्र और राज्य सरकारें टैक्स में कटौती कर राहत दे सकती हैं। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक्साइज ड्यूटी और वैट का बड़ा हिस्सा शामिल होता है। यदि टैक्स कम किए जाते हैं तो जनता को राहत मिल सकती है।
कानूनी और आर्थिक तथ्य
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल कीमतों के आधार पर तय करती हैं।
रोजाना सुबह 6 बजे नई कीमतें लागू होती हैं।
कीमतों में केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का VAT शामिल रहता है।
अंतरराष्ट्रीय संकट और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी कीमतों को प्रभावित करती है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
आर्थिक जानकारों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तनाव जारी रहा तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं। इससे देश में महंगाई दर पर भी सीधा असर पड़ सकता है।
सोशल मीडिया पर जनता का गुस्सा
सोशल मीडिया पर लोग लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार और तेल कंपनियों पर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा — “अब बाइक चलाना भी लग्जरी बनता जा रहा है।”
