मनीषा मौत मामला: पुलिस के आश्वासन पर खत्म हुआ पिता का आमरण अनशन

CBI जांच का स्टेटस बताने के लिए एक सप्ताह में बैठक का भरोसा, पूरे दिन चला हाई वोल्टेज घटनाक्रम

JPH NEWS HARYANA| भगवत कौशिक

भिवानी  : ढाणी लक्ष्मण निवासी मनीषा की संदिग्ध मौत मामले में न्याय की मांग को लेकर सोमवार को पूरे दिन हाई वोल्टेज घटनाक्रम देखने को मिला। मृतका के पिता संजय द्वारा भिवानी लघु सचिवालय के बाहर आमरण अनशन की घोषणा के बाद प्रशासन सुबह से ही पूरी तरह अलर्ट रहा। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच पुलिस ने संजय और उनके समर्थकों को गांव कुड़लबास के पास ही रोक लिया। इसके बाद उन्होंने वहीं आमरण अनशन शुरू कर दिया, जबकि भिवानी लघु सचिवालय के बाहर मनीषा के दादा रामकिशन जनसंगठनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए।

दिनभर चले घटनाक्रम, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत तथा अंततः पुलिस अधीक्षक (SP) सुमित कुमार के आश्वासन के बाद देर शाम संजय ने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया।

भिवानी पहुंचने से पहले ही पुलिस ने रोका काफिला

संजय अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार करीब 20 से 25 समर्थकों के साथ घर से रवाना हुए थे। उन्होंने पहले ही कहा था कि यदि उन्हें भिवानी जाने से रोका गया तो वे रास्ते में ही धरने पर बैठ जाएंगे। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुड़लबास सहित संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात कर रखा था। जैसे ही उनका काफिला कुड़लबास पहुंचा, पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद संजय समर्थकों और ग्रामीणों के साथ वहीं आमरण अनशन पर बैठ गए।

सरकार के खिलाफ नारे, न्याय की मांग पर अड़े रहे प्रदर्शनकारी

तेज धूप और उमस के बावजूद प्रदर्शनकारी पूरे दिन धरनास्थल पर डटे रहे। ग्रामीणों, महिलाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मनीषा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

लघु सचिवालय के बाहर भी चला विरोध प्रदर्शन

इधर भिवानी लघु सचिवालय के बाहर मनीषा के दादा रामकिशन के नेतृत्व में धरना जारी रहा। कांग्रेस जिला शहरी अध्यक्ष प्रदीप गुलिया सहित कई नेताओं और सामाजिक संगठनों ने धरने को समर्थन दिया। इस दौरान पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को धरनास्थल से हटाया, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा।

प्रशासन ने किया वार्ता का प्रयास

लोहारू के एसडीएम मनोज दलाल और डीएसपी संजीव गौड़ ने कुड़लबास पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का भरोसा दिया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने भी परिजनों से बातचीत कर मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया।

SP के आश्वासन पर समाप्त हुआ अनशन

वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने मनीषा के परिजनों को आश्वस्त किया कि एक सप्ताह के भीतर CBI जांच कर रही टीम से उनकी बैठक कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि परिवार को जांच की वर्तमान स्थिति और प्रगति की जानकारी मिल सके।

इस आश्वासन के बाद मृतका के पिता संजय ने अपना आमरण अनशन समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि तय समय में बैठक नहीं होती या जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई देती तो परिवार आगे की रणनीति तय करेगा।

SP बोले— CBI जांच का स्टेटस जानना चाहता है परिवार

पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि परिजन CBI जांच की प्रगति और वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त करने की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। प्रशासन ने बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया है और परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया गया है।

गौरतलब है कि मनीषा की संदिग्ध मौत का मामला पिछले लगभग दस महीनों से CBI के पास जांचाधीन है। मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को निर्धारित है। परिजनों का कहना है कि उन्हें निष्पक्ष जांच और न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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