जनता तो पूछेगी, भगवत कौशिक।चंडीगढ़:
हरियाणा की अनाज मंडियों में बरसों से किसानों का खून चूस रही ‘कच्ची पर्ची’ प्रथा पर आखिरकार कानूनी हथौड़ा चल गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद हरियाणा सरकार ने इस व्यवस्था को जड़ से उखाड़ फेंकने का आदेश जारी कर दिया है। अब मंडियों में कोई भी आढ़ती किसानों को हाथ से लिखी ‘कच्ची रसीद’ देकर उनका शोषण नहीं कर पाएगा।
हाईकोर्ट का हंटर और सरकार की सख्ती
यह ऐतिहासिक बदलाव डॉ. वीरेंद्र सिंह लाठर (पूर्व मुख्य वैज्ञानिक, IARI) की उस जनहित याचिका का नतीजा है, जिसमें उन्होंने मंडियों के काले सच को बेनकाब किया था। हाईकोर्ट ने सरकार को 30 दिन का अल्टीमेटम दिया था, जिसके दबाव में आकर 1 अप्रैल से सभी मार्केट कमेटियों में नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।
अब ‘J-Form’ होगा अनिवार्य: खत्म होगा हेरफेर
सरकार के नए आदेश के अनुसार, अब डिजिटल पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाएगी:
- नो कच्ची पर्ची: हाथ से लिखी पर्चियां अब कूड़े के भाव होंगी।
- अनिवार्य J-Form: फसल की तुलाई के तुरंत बाद आढ़ती को आधिकारिक J-Form देना होगा।
- सीधा हिसाब: रसीद पर दुकान का नाम, लाइसेंस नंबर, तारीख और MSP का पूरा विवरण दर्ज होगा।
क्यों ‘कच्ची पर्ची’ थी किसानों के लिए जहर?
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता प्रदीप रापड़िया ने कोर्ट में दलील दी थी कि आढ़ती ‘कच्ची पर्ची’ के जरिए दोहरा खेल खेलते थे। किसानों को MSP से काफी कम दाम दिया जाता था, जबकि सरकारी कागजों में रिकॉर्ड को MSP पर दिखाया जाता था। इस घोटाले की वजह से किसान मेहनत के बावजूद कर्ज के दलदल में धंसता जा रहा था।
किसानों की जेब में आएंगे 40% ज्यादा पैसे!
डॉ. लाठर के अनुसार, इस एक फैसले से हरियाणा और पंजाब के किसानों की तकदीर बदल सकती है। पारदर्शिता आने से बिचौलियों का कमीशन और अवैध कटौती बंद होगी, जिससे किसानों की शुद्ध आय में 30 से 40 प्रतिशत का भारी उछाल आने का अनुमान है।
“यह केवल एक पर्ची पर रोक नहीं है, बल्कि किसानों की आर्थिक आजादी का नया सवेरा है।” — कृषि विशेषज्ञ
3. सोशल मीडिया ‘तूफानी’ हेडलाइंस (For FB/WhatsApp/X)
- Breaking: हरियाणा की मंडियों में अब नहीं चलेगी आढ़तियों की मनमानी! ‘कच्ची पर्ची’ हुई गैरकानूनी।
- बड़ी जीत: डॉ. लाठर की मेहनत रंग लाई, हाईकोर्ट के आदेश से किसानों की आय में होगा बंपर इजाफा।
- Alert: अगर आपकी मंडी में अब भी कोई कच्ची पर्ची दे, तो तुरंत करें शिकायत, सरकार ने जारी किए सख्त आदेश।
Editor’s Note: यह कदम न केवल भ्रष्टाचार को रोकेगा बल्कि डिजिटल इंडिया के सपने को खेतों तक पहुंचाएगा। अब देखना यह है कि जमीनी स्तर पर अधिकारी इसे कितनी मुस्तैदी से लागू करते हैं।
