जनता तो पूछेगी, भगवत कौशिक।बादली/चंडीगढ़ : हरियाणा की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के बाद एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। झज्जर जिले के बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स के बदले तेवर अब राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गए हैं। उन्होंने पहले पार्टी के प्रति नाराजगी जाहिर की और अब अपनी फेसबुक प्रोफाइल से दिपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ लगी फोटो हटाकर नई डीपी लगा दी है। इसे सियासी दूरी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
तीन दिन से क्षेत्र से गायब, मोबाइल भी बंद
सूत्रों के अनुसार कुलदीप वत्स पिछले तीन दिनों से अपने विधानसभा क्षेत्र में नजर नहीं आए हैं। उनका मोबाइल फोन भी लगातार स्विच ऑफ बताया जा रहा है। ऐसे में उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
क्रॉस वोटिंग के आरोपों से बढ़ी सियासी हलचल
हाल ही में हुए हरियाणा राज्यसभा चुनाव 2026 के दौरान कुलदीप वत्स पर निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने के आरोप लगे थे। हालांकि कांग्रेस द्वारा जारी सूची में उनका नाम शामिल नहीं था।इस पूरे मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उनका बचाव करते हुए कहा था कि कुलदीप वत्स ने कांग्रेस के पक्ष में ही मतदान किया।
वोटिंग के दिन ही जाहिर की थी नाराजगी
राज्यसभा चुनाव के दिन ही कुलदीप वत्स ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में पार्टी से अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में मेहनती कार्यकर्ताओं की बजाय चापलूसों को ज्यादा महत्व दिया जाता है। उनके इस बयान के बाद से ही पार्टी के भीतर खींचतान की चर्चाएं तेज हो गई थीं।
परिवार ने दी सफाई
कुलदीप वत्स के बड़े भाई ने सामने आकर कहा है कि वह जल्द ही अपने विधानसभा क्षेत्र में लौटेंगे और पहले की तरह सक्रिय होंगे। वहीं उनके छोटे भाई ईश्वर वत्स लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और लोगों से संपर्क बनाए हुए हैं।
समर्थकों का समर्थन जारी
स्थानीय नेताओं ने कुलदीप वत्स के समर्थन में बयान देते हुए उन्हें “कांग्रेस का सच्चा सिपाही” बताया है। जहांगीरपुर के नेता सरजीत गुलिया ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
सियासी गलियारों में बढ़ी चर्चा
फेसबुक डीपी बदलने, क्षेत्र से दूरी और मोबाइल बंद रहने जैसी घटनाओं ने हरियाणा की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। अब सबकी नजर कुलदीप वत्स के अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हुई है।
