जनता तो पूछेगी , भगवत कौशिक।भिवानी : महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में भिवानी शहर के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा दिवस उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया गया। जिला उपायुक्त साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य अभिभावकों को बच्चों की शुरुआती शिक्षा, पोषण और समग्र विकास के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का संचालन सुपरवाइजर सुजाता और प्रगति के निर्देशन में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में माताओं और अभिभावकों ने भाग लिया। इस दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों में विशेष गतिविधियां आयोजित की गईं और अभिभावकों को बताया गया कि बच्चों को स्कूल जाने से पहले किस प्रकार प्रारंभिक शिक्षा दी जाती है।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को खेल-खेल में सीखने की पद्धति के माध्यम से शिक्षा दी जाती है। इस प्रक्रिया से बच्चों का मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास बेहतर तरीके से होता है। साथ ही उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और सामूहिकता की भावना भी विकसित होती है, जिससे वे भविष्य में स्कूल के माहौल में आसानी से सामंजस्य बिठा सकें।
सुपरवाइजरों ने जानकारी दी कि आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि उनकी आयु के अनुरूप कई रचनात्मक गतिविधियां भी करवाई जाती हैं। इनमें चित्रकला, कविता पाठ, कहानी सुनना, रंगों की पहचान, गिनती सीखना और शैक्षणिक खेल शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ती है और उनकी रचनात्मकता का भी विकास होता है।
कार्यक्रम में मौजूद माताओं को बच्चों के संतुलित आहार और पोषण के महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि छोटे बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए पौष्टिक भोजन बेहद आवश्यक है। बच्चों के भोजन में दाल, हरी सब्जियां, फल, दूध और अनाज को शामिल करने की सलाह दी गई, जबकि जंक फूड और अत्यधिक बाहरी खाने से बचने की अपील की गई।
इसके अलावा बच्चों की सही परवरिश में स्वच्छता और स्वास्थ्य के महत्व पर भी जोर दिया गया। अभिभावकों को बच्चों को बचपन से ही हाथ धोने, साफ-सफाई रखने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की आदत डालने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही नियमित टीकाकरण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की भी सलाह दी गई।
कार्यक्रम के दौरान कई माताओं ने बच्चों की पढ़ाई, खानपान और देखभाल से जुड़े सवाल पूछे, जिनका आंगनवाड़ी सुपरवाइजरों और कार्यकर्ताओं ने सरल भाषा में समाधान किया। अभिभावकों ने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें बच्चों की सही परवरिश और शिक्षा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।
भिवानी शहर के लगभग सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में यह दिवस मनाया गया, जिसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई और अभिभावकों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस प्रकार के कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को जागरूक करना है, ताकि वे बच्चों के शुरुआती वर्षों में उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान दे सकें और बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
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