टीबी मरीजों के प्रति समाज को अपनी सोच बदलने की है जरूरत : सुरेंद्र संभ्रवाल
जनता तो पूछेगी, मिंटू सैनी।भिवानी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत अभियान को धरातल पर उतारने और सामाजिक सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्थानीय चौधरी बंसीलाल नागरिक अस्पताल में पालेराम चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में ट्रस्ट द्वारा गोद लिए गए 11 टीबी मरीजों को विशेष पोषण किट वितरित की गई। यह आयोजन भिवानी की उप सिविल सर्जन डॉ. सुमन विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें चिकित्सा जगत के विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिरकत की। इस कार्यक्रम के दौरान वितरित की गई विशेष पोषण किट में दालें, मूंगफली, सत्तू, सोयाबीन और अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्रियां शामिल थीं, जो टीबी मरीजों की शारीरिक रिकवरी में सहायक होती हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप सिविल सर्जन डॉ. सुमन विश्वकर्मा ने पोषण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टीबी का इलाज केवल दवाइयों तक सीमित नहीं है। इस बीमारी में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता काफी कम हो जाती है, जिसे पुन: प्राप्त करने के लिए उच्च प्रोटीन युक्त और संतुलित आहार अत्यंत आवश्यक है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर आज सामाजिक संस्थाएं जिस तरह आगे आ रही हैं, उससे हम जल्द ही टीबी पर विजय पा लेंगे। पालेराम चैरिटेबल ट्रस्ट का यह प्रयास अन्य संस्थाओं के लिए भी प्रेरणादायी है।
वही टीबी मरीजों का हौसला बढ़ाते हुए पालेराम चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक सुरेंद्र संभ्रवाल ने समाज में व्याप्त भ्रांतियों पर प्रहार किया। उन्होंने मरीजों को सांत्वना देते हुए कहा कि टीबी अब कोई लाईलाज बीमारी नहीं रह गई है। अगर मरीज सही समय पर दवा ले और अनुशासन के साथ सही खान-पान रखे, तो वह बहुत जल्द स्वस्थ होकर मुख्यधारा में लौट सकता है। हमें समाज की सोच बदलने की जरूरत है। हमें बीमारी से परहेज करना है, बीमार व्यक्ति से नहीं। हमारा ट्रस्ट इन मरीजों की तब तक सहायता करता रहेगा जब तक वे पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाते। ट्रस्ट ने संकल्प दोहराया कि वे भविष्य में और भी मरीजों को गोद लेकर निक्षय मित्र के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। इस अवसर पर भगवत कौशिक, विरेंद्र सिंह उर्फ मिंटू, मिंटू सैनी, संदीप, रीतू सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।
