नोएडा में रहने वाले 68 वर्षीय अनूप खन्ना समाजसेवा की एक अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं। उन्होंने 21 अगस्त 2015 को ‘दादी की रसोई’ नाम से एक पहल शुरू की थी, जिसके तहत जरूरतमंदों को मात्र 5 रुपये में सम्मान के साथ पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। अनूप का मानना है कि मुफ्त भोजन देने के बजाय प्रतीकात्मक कीमत लेने से व्यक्ति का आत्मसम्मान सुरक्षित रहता है।
भोजन के अलावा, उनकी संस्था जरूरतमंद लोगों को केवल 10 रुपये में कपड़े उपलब्ध कराती है और प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र के माध्यम से सस्ती दवाइयां भी मुहैया कराती है। खन्ना की इन सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान मिल चुके हैं। वे लोकप्रिय टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) में भी शामिल होकर एक बड़ी राशि जीत चुके हैं।
मूल रूप से मुरादाबाद के निवासी अनूप एक निजी कंपनी में सेल्स मैनेजर की नौकरी छोड़कर पूरी तरह समाजसेवा में जुट गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके इस जज्बे की सराहना की है। उनका मिशन समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति को ‘रोटी, कपड़ा और सस्ती दवाई’ सुनिश्चित करना है।
