जनता तो पूछेगी, भगवत कौशिक।चंडीगढ़: हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने प्रदेश में ‘क्लीन एनर्जी’ और ‘गैस आधारित अर्थव्यवस्था’ को रफ्तार देने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने गैस पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनियों को अब तक की सबसे बड़ी राहत देते हुए PNG (Piped Natural Gas) पाइपलाइन के लीज रेट में भारी कटौती कर दी है।
₹3 लाख का खर्च अब मात्र ₹1 हजार: कंपनियों की लॉटरी!
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि राज्य में पीएनजी पाइपलाइन पर लगने वाला लीज रेट, जो पहले 3 लाख रुपये प्रति किलोमीटर था, उसे अब घटाकर मात्र 1 हजार रुपये प्रति किलोमीटर (एकमुश्त) कर दिया गया है। सरकार के इस ‘मास्टरस्ट्रोक’ से गैस कंपनियों का इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च करोड़ों में कम हो जाएगा, जिससे राज्य के कोने-कोने तक गैस पाइपलाइन पहुंचाने का रास्ता साफ हो गया है।
कनेक्शन की आएगी बाढ़: 2 लाख नए घरों तक पहुंचेगी गैस
सरकार का सीधा लक्ष्य एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता कम कर लोगों को पीएनजी की ओर शिफ्ट करना है।
- वर्तमान स्थिति: प्रदेश में अब तक 28,377 किमी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है।
- टारगेट: सरकार ने 13,33,603 कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा है।
- ताजा निर्देश: अधिकारियों को तुरंत 2 लाख नए कनेक्शन जारी करने के सख्त आदेश दिए गए हैं।
कमर्शियल गैस सप्लाई में 20% का उछाल
सिर्फ घरेलू ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक क्षेत्रों में भी सरकार ने बड़ी राहत दी है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में 20 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है, जिससे अब कुल सप्लाई 70 फीसदी तक पहुंच गई है। अस्पतालों और स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
— नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा :
”हमारा लक्ष्य हरियाणा को स्वच्छ ईंधन का हब बनाना है। पाइपलाइन दरों में इस ऐतिहासिक कटौती से न केवल उद्योगों को मजबूती मिलेगी, बल्कि आम आदमी की रसोई तक सस्ती और निरंतर गैस पहुंच सकेगी।”
हरियाणा में ईंधन का मौजूदा नेटवर्क: एक नजर में
| श्रेणी | वर्तमान स्थिति / आंकड़े |
|---|---|
| CNG स्टेशन | 586 संचालित |
| पेट्रोल पंप | 4,032 सक्रिय |
| प्रतिदिन पेट्रोल खपत | 4,804 किलोलीटर |
| प्रतिदिन डीजल खपत | 12,003 किलोलीटर |
| LPG सिलेंडर वितरण | 1.90 लाख (प्रतिदिन) |
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी बड़ा अपडेट
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती के बाद प्रदेश में तेल की कीमतें स्थिर हैं। राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और बॉटलिंग प्लांट्स में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं है।
निष्कर्ष: हरियाणा सरकार का यह फैसला न केवल निवेश को आकर्षित करेगा बल्कि प्रदूषण कम करने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा। लीज रेट में 99% से ज्यादा की यह कटौती सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं की जेब को राहत पहुंचाने वाली है।
