जनता तो पूछेगी,भगवत कौशिक।भिवानी/चरखी दादरी : 25 फरवरी इंसानियत आज भी जिंदा है और इसका प्रत्यक्ष प्रमाण भिवानी के एसएमएसजी अस्पताल में देखने को मिला। चरखी दादरी जिले के सावड़ गांव के एक मरीज के लिए छह युवाओं ने ‘देवदूत’ बनकर न केवल रक्तदान किया, बल्कि एक अनजान व्यक्ति को नया जीवनदान भी दिया।
परिजनों की परेशानी और एक कॉल की ताकत
मिली जानकारी के अनुसार, सावड़ निवासी एक मरीज भिवानी के एसएमएसजी अस्पताल में उपचाराधीन था। रक्त की सख्त जरूरत होने के कारण परिजन काफी परेशान थे और लगातार मदद की गुहार लगा रहे थे। जब इसकी सूचना शतकवीर रक्तदाता राजेश डुडेजा को मिली, तो उन्होंने बिना समय गंवाए सोशल मीडिया ग्रुप के माध्यम से एक संदेश प्रसारित किया।
एक पुकार पर दौड़े चले आए ‘रक्तवीर‘
राजेश डुडेजा के एक छोटे से संदेश पर मानवता की सेवा का जज्बा लिए छह युवा तुरंत अस्पताल पहुंचे। रक्तदान करने वालों में बृज मोहन, फूल चंद, ईश्वर सिंह, अनिल लांबा, जितेन्द्र और शुभम शामिल रहे। इन युवाओं ने निस्वार्थ भाव से रक्तदान कर यह साबित कर दिया कि समाज में आपसी सहयोग और सेवा भावना से बढ़कर कुछ नहीं है।
मरीज के परिजनों ने जताया आभार
मरीज के परिजनों ने इन सभी रक्तदाताओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब वे चारों ओर से निराश हो चुके थे, तब इन युवाओं ने समय पर आकर उनकी मदद की।रक्तवीर मनीष वर्मा ने युवाओं के इस जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान महादान है और हर स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए ताकि किसी की जान बचाई जा सके। इस अवसर पर लेब टेक्निश्यन मोहित व केशव ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया.
