प्रशासन की अनदेखी के चलते बीमारियों का अड्डा बना चौ. सुरेंद्र सिंह मैमोरियल पार्क : बिरेंद्र सिंह ग्रेवाल बामला

जनता तो पूछेगी,भगवत कौशिक।भिवानी : शहर का हृदय कहे जाने वाले स्थानीय चौधरी सुरेंद्र सिंह मेमोरियल पार्क की सूरत इन दिनों बद से बदतर हो चुकी है। जिस पार्क को शहर के फेफड़े और लोगों के बेहतर स्वास्थ्य का केंद्र होना चाहिए था, वह आज प्रशासन की अनदेखी के चलते बीमारियों का अड्डा बन चुका है।आपको बता दें कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के पुत्र व हरियाणा सरकार में मंत्री व सांसद रहे स्वर्गीय चौधरी सुरेंद्र के नाम पर शहर के हुड्डा पार्क का नामकरण चौधरी सुरेंद्र सिंह मैमोरियल पार्क किया गया। लेकिन इसे दुर्भाग्य कहें या फिर केवल वोट बैंक की राजनीति,जिस इंसान की बेटी श्रुति चौधरी वर्तमान में हरियाणा केबिनेट मंत्री है तथा पत्नी किरण चौधरी राज्यसभा सांसद यानी दोनों सत्ता में पावरफुल स्थान पर है। लेकिन इतना सब होने के बावजूद चौधरी सुरेंद्र सिंह मैमोरियल पार्क आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।

पार्क की बदहाली को लेकर स्थानीय नागरिकों और वेटरन संगठनों में भारी रोष व्याप्त है। वेटरन संगठन भिवानी के प्रधान सूबेदार मेजर बिरेंद्र सिंह ग्रेवाल बामला ने पार्क की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि यह बड़े दुर्भाग्य की बात है कि जिस पार्क में लोग शुद्ध हवा और अच्छे स्वास्थ्य की तलाश में आते हैं, वहां उन्हें केवल कूड़ा और बदबू मिल रही है। प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। अगर जल्द ही सुधार नहीं हुआ, तो यह पार्क केवल कागजों में ही मेमोरियल बनकर रह जाएगा।

उन्होंने कहा कि पार्क के मौजूदा हालात किसी डंपिंग ग्राउंड से कम नहीं हैं। पार्क में बने शौचालय गंदगी से पूरी तरह अटे पड़े हैं। सफाई के अभाव में वहां से गुजरना भी दूभर है, जिससे विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वही पार्क के कोनों में और रास्तों के किनारे कूड़े के ऊंचे-ऊंचे ढेर लगे हुए हैं। लंबे समय से कूड़ा न उठाए जाने के कारण वहां आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। घास की समय पर कटाई-छटाई न होने के कारण फुटपाथ के आसपास झाडिय़ां उग आई हैं। इससे सुबह-शाम टहलने वालों के लिए जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ गया है।

ग्रेवाल ने कहा कि लोग यहां फेफड़ों को शुद्ध ऑक्सीजन देने आते हैं, लेकिन गंदगी से उठने वाली दुर्गंध उन्हें बीमार कर रही है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत करवाया गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। सूबेदार मेजर बिरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की यह लापरवाही आम जनता के टैक्स के पैसों और उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। वेटरन संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पार्क की सफाई और रखरखाव की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे।

