जनता तो पूछेगी , भगवत कौशिक। कुरूक्षेत्र : नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र में पिछले दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद संस्थान में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की सख्ती के बाद डायरेक्टर बीवी रमना रेड्डी को उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह अब प्रो. ब्रह्मजीत सिंह को नया डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
शिक्षा मंत्रालय की टीम के दौरे के बाद गिरी गाज
यह कार्रवाई केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की एक उच्च स्तरीय टीम के दौरे के तुरंत बाद हुई है, जिसमें वरिष्ठ IAS अधिकारी डॉ. विनीत जोशी शामिल थे। टीम ने कैंपस में छात्रों से बातचीत की और सुसाइड मामलों के साथ-साथ शिक्षकों के व्यवहार और सुविधाओं की जांच की। टीम के जाते ही पहले जॉइंट रजिस्ट्रार ज्ञान रंजन सामंत्रे को सस्पेंड किया गया और अब डायरेक्टर पर गाज गिरी है।
दो महीनों में दहला कैंपस : सुसाइड की टाइमलाइन
संस्थान में लगातार हो रही इन घटनाओं ने सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
16 फरवरी: अंगोद शिवा (19), तेलंगाना
31 मार्च: पवन कुमार (22), नूंह
9 अप्रैल: प्रियांशु वर्मा (22), सिरसा
16 अप्रैल: दीक्षा दुबे (19), बिहार
दीक्षा दुबे की मौत के बाद कैंपस में तनाव चरम पर पहुंच गया था। छात्रों ने रातभर प्रदर्शन कर प्रशासन और कुछ शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए थे।
विवादों में रहा प्रशासन: भर्ती और प्रमोशन की भी जांच
डायरेक्टर पर न केवल सुसाइड मामलों में लापरवाही, बल्कि भर्ती और प्रमोशन में अनियमितताओं के भी आरोप हैं। सूत्रों के अनुसार, उन पर अपने गृह राज्य से अधिक स्टाफ भर्ती करने के आरोप लगे थे। अनिल सहस्रबुद्धे की अध्यक्षता वाली रिव्यू कमेटी ने भी हाल ही में संस्थान का दौरा कर इन प्रशासनिक खामियों की जांच की है।
हॉस्टल खाली करने के आदेश पर भड़के थे छात्र
तनाव बढ़ता देख प्रशासन ने 4 मई तक छुट्टी घोषित कर हॉस्टल खाली करने के आदेश दिए थे, जिसे छात्रों ने “आवाज दबाने की कोशिश” बताया था। अब नए डायरेक्टर की नियुक्ति के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि कैंपस में स्थिति सामान्य होगी और छात्रों की शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
