तकनीक की उड़ान से बदलेगी खेती की पहचान

जनता तो पूछेगी , भगवत कौशिक ।भिवानी : कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने जिले में ड्रोन के माध्यम से उर्वरक एवं कीटनाशक छिड़काव की पहल शुरू की है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे “ड्रोन दीदी योजना” के तहत ऑनलाइन पंजीकरण कर इस सुविधा का लाभ उठाएं। जिले में इस योजना के अंतर्गत 8,000 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से छिड़काव का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए लगभग 20 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

समय की बचत, दवा का संतुलित उपयोग

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार ड्रोन तकनीक से कम समय में बड़े क्षेत्र में समान रूप से छिड़काव संभव होगा। इससे न केवल किसानों का समय बचेगा, बल्कि उर्वरकों और कीटनाशकों का वैज्ञानिक एवं संतुलित उपयोग भी सुनिश्चित होगा, जिससे उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद है।

किसानों के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित विकल्प

परंपरागत तरीके से कीटनाशक छिड़काव के दौरान किसानों को जहरीले रसायनों के सीधे संपर्क में आना पड़ता था, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने और कई दुर्घटनाओं की आशंका रहती थी। ड्रोन तकनीक से यह जोखिम समाप्त हो जाएगा, क्योंकि छिड़काव दूर से नियंत्रित प्रणाली द्वारा किया जाएगा।

महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर

वर्ष 2025-26 के लिए लागू “एग्रीशक्ति नमो ड्रोन दीदी योजना” का उद्देश्य खेती को आधुनिक बनाने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। योजना के तहत चयनित महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे तकनीकी रूप से सक्षम होकर आय का स्रोत विकसित कर सकें।

पंजीकरण अनिवार्य, प्रशिक्षित ड्रोन दीदी ही करेंगी कार्य

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का “मेरी फसल-मेरा ब्योरा” पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। केवल सिविल एविएशन मानकों के अनुसार प्रशिक्षित एवं प्रमाणित ड्रोन दीदी, जिन्हें हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा नामित किया गया है, वे ही इस योजना के तहत छिड़काव कार्य करेंगी।

ऐसे मिलेगी आर्थिक सहायता

ड्रोन से छिड़काव की कुल दर 400 रुपये प्रति एकड़ प्रति स्प्रे निर्धारित की गई है। इसमें से 250 रुपये प्रति एकड़ सरकार द्वारा वित्तीय सहायता के रूप में दिए जाएंगे, जबकि शेष 150 रुपये किसान द्वारा वहन किए जाएंगे। छिड़काव का सत्यापन कृषि विभाग के फील्ड अधिकारियों द्वारा किया जाएगा और सहायता राशि सीधे ड्रोन दीदी के बैंक खाते में प्रतिमाह दो बार हस्तांतरित की जाएगी।

पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

किसान विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण करेंगे, जिसके बाद संबंधित क्षेत्र की पंजीकृत ड्रोन दीदी को कार्य आवंटित किया जाएगा। कार्य पूर्ण होने पर विभागीय अधिकारी सत्यापन करेंगे और ड्रोन दीदी द्वारा विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। विभाग ने किसानों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाकर फसल उत्पादकता बढ़ाने की अपील की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!