
जनता तो पूछेगी, संवाददाता। भिवानी : पुलिस अधीक्षक भिवानी सुमित कुमार के निर्देशानुसार जिला पुलिस द्वारा धोखाधड़ी के मामलों में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में भिवानी पुलिस ने चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी से 1 करोड़ 58 लाख 60 हजार रुपये का फर्जी तरीके से लोन करवाने के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।इस संबंध में चोलामंडलम शाखा भिवानी के लीगल मैनेजर वीरेंद्र सिंह द्वारा थाना शहर भिवानी में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। शिकायत में बताया गया कि मनोज व संदीप निवासी गांव जड़वा, तहसील सतनाली जिला महेंद्रगढ़ ने अपनी कृषि भूमि को व्यावसायिक भूमि दर्शाते हुए, सतनाली क्षेत्र की दुकानों की फर्जी फोटो एवं जाली रिपोर्ट तैयार कर कंपनी से धोखाधड़ी पूर्वक 1 करोड़ 58 लाख 60 हजार रुपये का लोन प्राप्त किया। शिकायत पर थाना शहर भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए इन्वेस्टिगेशन विंग-4 की टीम ने मामले की गहन जांच की। दिनांक 10 फरवरी 2026 को एएसआई सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने मुख्य आरोपी को नारनौल क्षेत्र से गिरफ्तार किया।गिरफ्तार आरोपी की पहचान बलजीत पुत्र शेर सिंह निवासी शेखपुरा जिला नारनौल के रूप में हुई है।आरोपी वेंडर का कार्य करता है और उसने सह-आरोपियों के साथ मिलकर कृषि भूमि के स्थान पर व्यावसायिक दुकानों की फर्जी फोटो लगाकर जाली मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार की थी। इसी फर्जी रिपोर्ट के आधार पर कृषि भूमि की वास्तविक कीमत से अधिक मूल्य दर्शाकर लोन स्वीकृत कराया गया।पुलिस टीम द्वारा आरोपी को दिनांक 11 फरवरी 2026 को माननीय न्यायालय में पेश कर 01 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। रिमांड अवधि के दौरान आवश्यक पूछताछ की गई। आज आरोपी को पुनः माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेजने के आदेश दिए गए हैं।मामले का अनुसंधान जारी है तथा अन्य संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
